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Latest Astrology Updates in Hindi

Shattila Ekadashi Ka Jyotish Mahattw

षट्तिला  एकादशी   कब है,  Shattila Ekadashi का ज्योतिष महत्त्व, kya kare sattila ekadashi ko safalta ke liye, शट्तिला एकादशी vrat kaise kare. Shattila Ekadashi: षट्तिला  एकादशी  हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत तिथि है। यह  माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी  को मनाई जाती है और खासकर तिल के छह प्रकार के उपयोग के कारण इसे  षट्तिला  नाम से जाना जाता है।  इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है। Shattila Ekadashi Kab hai 📅 षट्तिला एकादशी 2026 — तारीख और तिथि वर्ष 2026 में षट्तिला एकादशी बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है। हिंदू पंचांग के अनुसार: एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 जनवरी 2026, दोपहर लगभग 3:19 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 14 जनवरी 2026, शाम लगभग 5:53 बजे   Shattila Ekadashi व्रत का मुख्य दिन/उदया तिथि: 14 जनवरी 2026 (बुधवार) पारण (व्रत खोलने का शुभ समय): 15 जनवरी 2026, प्रातः लगभग 7:15 बजे से 9:21 बजे तक  Shat tila Ekadashi Ka Mahattw: षट्तिला एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष कृपा का दिन माना जाता है। यह व्र...
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Makar Sankaranti Ka Mahattwa in Hindi

Makar Sankaranti Kab hai  2026 mai aur kya hai Mahattwa in Hindi, मकर संक्रांति का महत्त्व, क्या करे सफलता के लिए मकर संक्रांति को, सफलता के लिए ज्योतिषीय उपाय जानिए, पढ़िए सूर्य का मकर राशी में प्रवेश करने का राशिफल . Makar Sankranti Kab Hai 2026: मकर संक्रांति का त्यौहार पूरे भारत में बहुत ही उत्साह से मनाया जाता है, भारत वर्ष में मनाये जाने वाले उत्सवों में ये भी एक बड़ा उत्सव है. इस दिन बच्चे, बूढ़े, जवान, महिलाए आदि सभी लोग पतंग उड़ाना पसंद करते हैं. पूरे दिन लोग अपने परिवार वालो के साथ छत पर बिताते हैं या फिर मैदान मे, लोग तिल के लड्डू भी बनाते हैं और एक दूसरे को बाटते हैं. Makar Sankaranti Kab hai 2026 ये महत्त्वपूर्ण त्यौहार अलग अलग रूप में भारत वर्ष में मनाया जाता है जैसे की तमिल नाडू मे इसे पोंगल के नाम से मनाते हैं, आसाम में इसे बिहू के नाम से मनाते हैं, पंजाब और हरयाणा में इसे लोहरी के रूप में मनाते हैं.  आइये जानते हैं 2026 में कब है Makar Sankranti?– इस साल सूर्य 14 तारीख को दिन में लगभग 2:50 मिनट पे मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिसके कारण मकर संक्रा...

Vrishabh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav

Vrishabh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav,  वृषभ लग्न कुंडली में : 12 भावों में अस्त चंद्रमा का प्रभाव व उपाय. वैदिक ज्योतिष में वृषभ लग्न (Taurus Ascendant) के स्वामी शुक्र होते हैं, जो सुंदरता, स्थिरता, भौतिक सुख-सुविधा और भावनात्मक दृढ़ता के प्रतीक हैं। वृषभ लग्न वालों के लिए चंद्रमा तीसरे भाव का स्वामी माना जाता है, जो संचार, साहस, भाई-बहन, पहल तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति का कारक है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) होता है—अर्थात सूर्य के बहुत निकट आ जाता है—तो उसकी शक्ति घट जाती है। अस्त चंद्रमा भावनात्मक स्पष्टता, मानसिक शांति और जिस भाव में स्थित है, उसके फल कमजोर कर देता है। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्रमा जन्मकुंडली में किस भाव में स्थित है । Vrishabh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav आइये जानते हिं वृषभ लग्न वालों के लिए भावानुसार अस्त चंद्रमा का प्रभाव तथा उपाय : 1. प्रथम भाव में अस्त चंद्रमा प्रभाव वृषभ लग्न में प्रथम भाव में अस्त चंद्रमा होने से आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन प्रभावित होता ह...

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 11 से 18 जनवरी 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के ल...

Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav

Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav, मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव, Ast Chandrama Ke upay. मेष लग्न: एक परिचय वैदिक ज्योतिष में मेष लग्न का स्वामी मंगल (Mars) होता है, जो एक अग्नि प्रधान और ऊर्जावान ग्रह है। इस लग्न वाले जातक सामान्यतः: साहसी, ऊर्जावान और कर्मशील होते हैं प्रतिस्पर्धी और स्पष्टवादी होते हैं निर्णय जल्दी लेते हैं, कभी-कभी आवेग में भी स्वभाव से स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं Mesh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama ka 12 Bhavon Me Prabhav मेष लग्न कुंडली में अस्त (Combust) चंद्रमा का 12 भावों में प्रभाव मेष लग्न में चंद्रमा 4थे भाव का स्वामी होता है, जो माता, घर, मानसिक शांति, भावनाओं, और संपत्ति का कारक है। जब चंद्रमा सूर्य के निकट आकर अस्त (Combust / अस्तगत / अस्तांगत) हो जाता है, तब इसके कारकत्व कमजोर होने लगते हैं—भावनाएँ दबती हैं, मानसिक शांति कम होती है, माता का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, और घरेलू सुख घट सकता है। Watch Details On YouTube आइये जानते हैं मेष लग्न के कुंड...

January Mai Kaun se grah badlenge rashi

जनवरी 2026 में कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, जानिए 12 राशियों पर ग्रहों के गोचर का प्रभाव, जनवरी 2026 का राशिफल, january grah gochar, January Ka Masik Rashifal.  January 2026 Mai Kaun se grah badlenge rashi: लोगों के जीवन में, मौसम में , पर्यावरण आदि में क्या परिवर्तन हो सकते हैं, इसका अनुमान लगाने के लिए ग्रहों के गोचर का अध्ययन बहुत आवश्यक है।  जनवरी ग्रह गोचर का अर्थ है जनवरी महीने में होने वाले ग्रहों के राशि परिवर्तन और उनका प्रभाव। वैदिक ज्योतिष में ग्रह गोचर का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि ग्रहों की चाल हमारे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे करियर, धन, संबंध, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है। जनवरी का महीना आने वाले पूरे वर्ष की दिशा तय करने वाला माना जाता है, इसलिए इस दौरान होने वाले ग्रह परिवर्तन नए अवसरों, चुनौतियों और बदलावों के संकेत देते हैं। जनवरी ग्रह गोचर को समझकर व्यक्ति समय रहते सही निर्णय ले सकता है और अपने जीवन को बेहतर दिशा दे सकता है। January Mai Kaun se grah badlenge rashi आइए जनवरी 2026 में होने वाले ग्रहों के गोचर जानते हैं ...

shukra ka makar rashi me gochar ka rashifal

Shukra kab karenge makar rashi mai gochar January 2026 mai, शुक्र के मकर राशी में प्रवेश का राशिफल | shukra ka rashiparivartan ka 12 rashiyo par kya prabhav hoga| Shukra ka makar rashi me gochar : वैदिक ज्योतिष के हिसाब से शुक्र विलासिता से सम्बन्ध रखता है, ऐशो आराम, प्रेम से सम्बन्ध रखता है, भौतिक सुख सुविधा से सम्बन्ध रखता है, सुन्दरता से सम्बन्ध रखता है | इसी कारण शुक्र का राशी परिवरतन बहुत ही मायने रखता है |  13 जनवरी, मंगलवार  को तडके लगभग 3:40 बजे शुक्र ग्रह शनि की राशि मकर में गोचर करेंगे | मकर राशी में शुक्र मित्र के होते हैं अतः ये परिवर्तन लोगो के जीवन में खुशिया ले के आएगा |  shukra ka makar rashi me gochar ka rashifal आइये जानते हैं १२ राशी वालो के जीवन में क्या क्या परिवर्तन ला सकता है शुक्र का मकर में प्रवेश : मकर राशि का शुक्र मेष राशि के लिए कैसा रहेगा(Mesh Rashifal)  : 13 January 2026 को शुक्र के मकर राशि में गोचर से मेष राशि वालो के काम काज में वृद्धि होगी, आपको अपने क्षेत्र में सफलता मिलेगी जिससे नाम और यश की प्राप्ति होगी | वाहन और भूमि ...