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Latest Astrology Updates in Hindi

Guru Kab Margi Honge jyotish prediction

Dev guru brihaspati kab margi honge 2026,  गुरु ग्रह कब मार्गी होंगे 2026 में, किन राशि वालो को मिलेगी खुशखबरी, कैसे करें गुरु को मजबूत ?. Guru Margi 2026: एक अत्यंत ही शक्तिशाली ग्रह जब अपनी स्थिति बदलते हैं गोचर में तो उसके असर आसानी से सब तरफ देखने को मिलते हैं | ज्योतिष शाश्त्र के हिसाब से गुरु ग्रह  11 March को मार्गी होंगे मिथुन राशि में | ये अत्यंत ही कल्याणकारी होगा और इसका शुभ फल हमे लोगो के जीवन में देखने को मिलेगा | ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह का सम्बन्ध धन, भूमि, वैभव, ऐश्वर्य, ज्ञान, अहंकार, सुख-संपदा आदि से होता है इसीलिए गोचर में इसकी स्थिति काफी महत्त्व रखती है | जिन लोगो को वक्री बृहस्पति के कारण अभी तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था उन्हें मिलेगी राहत, बेरोजगारों को मिलेगी नौकरी, रुके काम पुरे होंगे, धन लाभ और भूमि लाभ के योग बनेंगे | Guru Kab Margi Honge 2025 jyotish prediction आइये जानते हैं 12 राशियों पर गुरु के मार्गी होने का क्या असर होगा : मेष राशिफल : Mesh राशि के जातकों के लिए गुरु का मार्गी होना संचार, नेटवर्क और छोटे यात्राओं के...
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Surya Ka Meen Rashi Mai gochar ka rashifal in hindi jyotish

Surya ka gochar Meen Rashi Mai Kab Hoga 2026, surya meen rashi me kab jayenge, सूर्य के मीन राशि में गोचर की तिथि और समय, Rashifal, Jyotish Updates. Surya Ka Gochar Meen Rashi Mai March 2026:  सूर्य किसी भी राशि में 1 महीने रहते हैं और सूर्य देव के राशी परिवतन को संक्रांति कहा जाता है | 15 मार्च 2026 को तडके लगभग 12:40 बजे  सूर्य अपने शत्रु राशि कुम्भ से निकल के अपने मित्र राशि मीन में प्रवेश करेंगे और अगले 1 महीने तक रहेंगे |  वैदिक ज्योतिष के हिसाब से सूर्य पिता, आत्मा, नाम, यश, यात्रा, काम काज आदि से सम्बन्ध रखता है अतः सूर्य के मीन राशि में आने से देश मे और १२ राशि वालो (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुम्भ, मीन)के जीवन में अनेक सकरात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे | Surya Ka Meen Rashi Mai gochar ka rashifal आइये जानते हैं मीन संक्राति का धार्मिक महत्व: जब भी सूर्य गुरु के राशि में प्रवेश करते हैं तो खर मास या मल मास शुरू हो जाता है जो की पूजन, दान धर्म के लिए अति उत्तम माना जाता है अतः मीन संक्रांति का धार्मिक महत्व भी बहुत है ...

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 8 से 14 मार्च 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लि...

Sheetla Saptmi Ki Katha

Sheetla Saptmi Ki Katha, शीतला सप्तमी कथा, sheetla mata puja ka mahattw, Shitla Mata Mantra. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शीतला सप्तमी का पर्व विशेष रूप से माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और शीतला माता की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस दिन ठंडा भोजन (बासी या एक दिन पहले बनाया हुआ) ग्रहण किया जाता है और पूजा के बाद शीतला माता की कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए। इस वर्ष शीतला सप्तमी 10 मार्च को मनाई जा रही है। आइए पढ़ते हैं शीतला माता की प्रेरणादायक कथा। Sheetla Saptmi Ki Katha शीतला सप्तमी की कथा बहुत समय पहले एक गांव में एक ब्राह्मण दंपति रहते थे। उनके दो पुत्र थे और दोनों की शादी हो चुकी थी। लेकिन विवाह के कई वर्षों बाद तक दोनों बहुओं को संतान का सुख नहीं मिला। लंबे इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद आखिरकार दोनों को संतान प्राप्त हुई। पूरे घर में खुशियों का माहौल था। सुनिए YouTube में  कुछ समय बाद शीतला सप्तमी का पावन पर्व आया। परंपरा के अनुसार...

Shani Kab Ast Honge Aur 12 Rashiyo Par Prabhav

Shani Ast Date 2026, शनि कब अस्त होंगे, shani ke ast hone ka 12 rashiyo par kya prabhav hoga, ast shani ke upay.  Shani Ast Date 2026:  जब कोई भी ग्रह अस्त होता है तो वो अपनी शक्तियों को खो देता है इसीलिए इस घटना का बहुत ज्यादा असर जनजीवन और  बाजार में देखने को मिलता है |  2026 में न्याय के देवता शनि देव 13 March को अस्त होने वाले हैं जिसके कारण व्यापार, नौकरी, सेहत, वातावरण पर बहुत से बड़े प्रभाव देखने को मिलेंगे |  Shani Kab Ast Honge Aur 12 Rashiyo Par Prabhav कोई भी ग्रह अस्त कब होता है ? वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब की ग्रह भ्रमण करते हुए सूर्य के बहुत करीब आ जाता है तो वह अपनी शक्तियां खोने लगता है, इसी को ग्रह का अस्त होना कहते हैं ।  Shani Ast Date 2026 आइये जानते हैं की शनि के अस्त होने पर क्या क्या चीजें प्रभावित होती है ? शनि का सम्बन्ध भूमि, अनुशासन, जिम्मेदारी, इमानदारी, लोहा, तेल, मेहनत, रोग, शोक, ऑटोमोटिव उद्योग, सीमेंट उद्योग, चुनौतियां, चिंताएं, विश्वास, देरी, कृषि, धर्म, अध्यात्म आदि से होता है अतः ये सभी क्षेत्र में हमे प्रभाव देखने को ...

Durga Beesa Yantra Ke Fayde

बीसा यंत्र क्या होता है, kaise banta hai durga beesa yantra , दुर्गा बीसा यन्त्र के लाभ क्या हैं, कैसे सिद्ध करें?, बीसा यंत्र इमेज | Durga Beesa Yantra Ke Fayde: यन्त्र तो अनेक प्रकार के होते हैं परन्तु दुर्गा बीसा यन्त्र की बात अलग है, एक कहावत है की “जिसके पास हो बीसा उसका क्या करे जगदीशा” अर्थात ये यन्त्र जो सिद्ध कर लेता है उसे किसी भी बात का भय नहीं रहता है |  दुर्गा बीसा यंत्र एक शक्तिशाली यंत्र है जिसका उपयोग मनुष्य के सामने आने वाली सभी समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है। यंत्र का मुख्य लाभ यह है कि यह उन सभी जटिल समस्याओं को हल करने में मदद करता है जो मनुष्य को भौतिक जगत में रहने के दौरान सामना करना पड़ता है।  बीसा यंत्र का अर्थ यह है कि इसमें अंको को जिस तरीके से लिखा गया है उसका अगर टोटल किया जाए तो सभी तरफ का टोटल 20 ही आएगा |  Durga Beesa Yantra Ke Fayde शास्त्रों में इस यंत्र को साक्षात देवी का स्वरूप कहा गया है | दुर्गा बीसा यंत्र की स्थापना से जीवन की हर प्रकार की कठिनाइयां दूर होती हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है, धन और संपत्ति प्रदान करता ...

Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai

Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai, ganesh chaturthi kab hai, sankashthi chaturthi kab hai. 6 मार्च 2026: चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व Chaitra Mahine Ki Chauth: हिंदू पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। यह तिथि मुख्य रूप से भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक व्रत और पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। Chaitra Mahine Ki Chauth ka Vrat kab hai तिथि और समय चतुर्थी तिथि 6 मार्च, शुक्रवार को शाम 5:54 बजे से प्रारंभ होगी और 7 मार्च 2026 को शाम 7:18 बजे तक रहेगी। हालांकि तिथि दो दिनों तक रहेगी, लेकिन व्रत और पूजा का निर्धारण चंद्रोदय के आधार पर किया जाता है। इसी कारण इस बार चतुर्थी व्रत और पूजा का मुख्य दिन 6 मार्च 2026, शुक्रवार रहेगा। चंद्रोदय का महत्व चतुर्थी व्रत में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, दिनभर व्रत रखने के बाद रात्र...