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Latest Astrology Updates in Hindi

Falgun Vinayki Chaturthi Ka Vrat Kab Hai

Falgun Vinayki Chaturthi Ka Vrat Kab Hai, फाल्गुन विनायक चतुर्थी 20 या 21 फरवरी कब ? पूजा मुहूर्त, विधि Falgun Vinayki Chaturthi 2026 Falgun Vinayki Chaturthi 2026: फाल्गुन माह के विनायक चतुर्थी व्रत का बहुत अधिक महत्त्व होता है. इस साल Vinayki Chaturthi vrat 21 फरवरी 2026 को रखा जायेगा. चतुर्थी तिथि 20 फ़रवरी को दिन में लगभग 2:40 पे शुरु होगी और चतुर्थी तिथि 21 फ़रवरी को दिन में लगभग 1:02 पे समाप्त होगी अतः उदया तिथि के अनुसार विनयक चतुर्थी का व्रत 21 फ़रवरी शनिवार को रखा जायेगा. इस दिन गणेश जी की विधिवत पूजा करने से व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन के विघ्न दूर होते हैं और क्लेश खत्म होते हैं. Falgun Vinayki Chaturthi Ka Vrat Kab Hai पूजा मुहूर्त :  Falgun Vinayki Chaturthi 2026 चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त - सुबह 11:27- दोपहर 01:00 पी एम वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - सुबह 08:56 - रात 10:16 फाल्गुन विनायक चतुर्थी की महीमा फाल्गुन विनायकी चतुर्थी की व्रत कथा विष्णु शर्मा और उनकी बहुओं की कहानी पर आधारित है। छोटी बहू ने अपने ससुर के साथ निष्ठा से गणेश पूजा की और...
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Radhakrutam Shri Ganesh Stotram राधाकृतं गणेश स्तोत्रम्

Radhakrutam Shri Ganesh Stotram राधाकृतं गणेश स्तोत्रम्, Hindi Meaning of radha kritam shri ganesh strotram, lyrics of ganesh strotram, ganesh puja mantra. 🌺 Radhakrutam ShriGanesh Stotram 🌺 राधाकृतं गणेश स्तोत्रम् “राधाकृतम् श्रीगणेश स्तोत्रम्” Radha जी द्वारा रचित है,इसका पाठ अत्यंत आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व रखता है। यह स्तोत्र Ganesha जी को समर्पित है, जो विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता माने जाते हैं। इस स्तोत्र का श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करने से जीवन के कष्ट, बाधाएँ और मानसिक अशांति दूर होती हैं तथा कार्यों में सफलता और शुभता प्राप्त होती है। इसमें निष्काम भक्ति, प्रेम और पूर्ण समर्पण की भावना प्रकट होती है। इसका नियमित पाठ मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह स्तोत्र पापों का क्षय करता है, संकटों से रक्षा करता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। साथ ही, इसके मधुर और लयबद्ध उच्चारण से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आंतरिक संतुलन भी प्राप्त होता है। Radhakrutam Shri Ganesh Stotram राधाकृतं ...

kali Shanti Strotram Lyrics with Meaning In Hindi

Kali Shanti Strotram Lyrics with Meaning In Hindi, Kali Puja Mantra, Maa Kali Ki Kripa Kaise Prapt Kare?. ॥ काली शान्तिस्तोत्रम् ॥ “काली शान्तिस्तोत्रम्” का पाठ अत्यंत आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्रदान करने वाला माना जाता है। देवी काली को शक्ति, संरक्षण और नकारात्मक शक्तियों के विनाश की प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से साधक के भीतर साहस, आत्मविश्वास और आंतरिक शांति का विकास होता है। नियमित पाठ मन को स्थिर करता है, भय और चिंता को कम करता है तथा जीवन की बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्रदान करता है। इसकी मंत्रात्मक ध्वनियाँ वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह स्तोत्र संकटों से रक्षा करता है और भक्त को देवी की कृपा एवं संरक्षण का अनुभव कराता है, जिससे जीवन में संतुलन, शांति और आत्मबल की वृद्धि होती है। YouTube में सुनिए यहाँ  काली शान्तिस्तोत्रम् काली काली महाकालि कालिके पापहारिणि । धर्ममोक्षप्रदे देवि गुह्यकालि नमोऽस्तुते ॥ १॥ सङ्ग्राम...

Suraya grahan Mai Kya kare Jyotish Anusar

Surya Grahan Kab Lagega 2026 , कहाँ कहाँ दिखेगा सूर्य  ग्रहण, जानिए ज्योतिषीय प्रभाव, कब लगता है सूर्य ग्रहण ?,  surya grahan ke upay.  Surya Grahan Kab Lagega 2026 : इस साल सूर्य ग्रहण 17 फरवरी  को लगेगा इस दिन अमावस्या है । यह सूर्यग्रहण कुछ खास देशों में ही दिखाई देगा।  भारत में ये सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा इसीलिए यहाँ सूतक मान्य  नहीं होगा.  सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है जिससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पंहुच पाता है.  ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रहण का समय किसी भी प्रकार की साधना के लिए सबसे श्रेष्ठ समय होता है अतः जो लोग मंत्र साधना, तंत्र साधना, कुंडलिनी साधना करते हैं उनके लिए सिद्धि प्राप्त करने का सुनहरा अवसर होगा |  Suraya grahan Mai Kya kare Jyotish Anusar 17 फ़रवरी का सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा ? भारतीय समय के अनुसार ये सूर्य ग्रहण दोपहर में लगभग 3:26 पे शुरू होगा और रात्रि में लगभग 7:57 तक चलेगा. सूर्य ग्रहण कहाँ दिखाई देगा? यह सूर्य ग्रहण खासतौर से अंटार्कटिका, ...

Falgun Amavasya Kab Hai

Falgun Amavasya Kab Hai, फाल्गुन महीने की अमावस्या की सही तारीख, अमावस्या के उपाय, jyotish updates, amavasya ka rashifal. फाल्गुन अमावस्या 2026: परंपरा, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का पर्व Falgun Amavasya Kab Hai:  हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। प्रत्येक मास की अमावस्या आत्मचिंतन, संयम और पितृ तर्पण के लिए उपयुक्त मानी जाती है। वर्ष 2026 में फाल्गुन मास की अमावस्या 17 फरवरी को है। अमावस्या तिथि की शुरुआत होगी 16 फरवरी सोमवार को शाम में लगभग 5:36 बजे अमावस्या तिथि समाप्त होगी 17 फ़रवरी को शाम में लगभग 5:32 पे. तो अमावस्या का पूजन, दान, तर्पण आदि १७ फ़रवरी मंगलवार को किया जाएगा. यह दिन न केवल पितरों की स्मृति और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है, बल्कि मनुष्य को अपने जीवन की दिशा पर विचार करने और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग कर सकारात्मक मार्ग अपनाने की प्रेरणा भी देता है। Falgun Amavasya Kab Hai आइये जानते हैं गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी अमावस्या को : अमावस्या के दिन कुम्भ राशि में पञ्च ग्रही योग ब...

Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

Mahashivratri kab hai 2026 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान महाशिवरात्रि मे. Mahashivratri 2026: हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है, साधनाओ को करने हेतु महाशिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. भौतिक इच्छाओं को पूरी करना हो या फिर अध्यात्मिक, शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण समय होता है अनुष्ठानो को करने के लिए | ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि में की गई पूजा से  हजारो वर्षों की पूजा का फल मिलता है | सन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी रविवार को है, चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को शाम में लगभग 05:07 बजे से शुरू हो जायेगी और 16 तारीख को शाम में लगभग 5:35 बजे तक रहेगी | Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se यह दिव्य रात्रि पुरुष, स्त्री, प्रेमी, रोगी सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि शिवरात्रि को हम अपनी किसी भी मनोकामना के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात पूजा और ध्यान करने से पापों का नाश संभव है। इस रात को भगवान शिव और देवी पार्वती...

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 15 से 21 फ़रवरी 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के ल...