Sharad poornima kab hai 2026 mai, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए. sharadpoornima 2026: साल की सबसे बड़ी और शक्तिशाली पूर्णिमा है शरद पूर्णिमा और ऐसी मान्यता है की अगर कोई आर्थिक और शारीरिक परेशानी से गुजर रहा हो तो इस रात्रि को पूजन जरुर करना चाहिए, इससे बहुत लाभ मिलता है | ये रात्रि माता लक्ष्मी से भी सम्बन्ध रखता है | Sharad Poornima kab hai वैदिक ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली में चंद्रमा ग्रह मजबूत हो तो जातक बहुत ही संपन्न जीवन जीता है ऐशो -आराम के साथ वहीँ कमजोर चंद्रमा असंतुष्ट जीवन का प्रतीक होता है |अतः चन्द्रमा अती महत्त्वपूर्ण है हमारे जीवन में | साल 2026 में शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:57 बजे • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे • चंद्रोदय का समय: 25 अक्टूबर 2026 को शाम में लगभग 5:00 बजे • स्नान और दान ...
Budh kab vakri honge tula rashi mai, 12 rashiyo ke liye kaisa rahega vakri budh, jyotish updates, बुध ग्रह वक्री गोचर Tula Rashi mai 2026. बुध ग्रह वक्री गोचर तुला राशि में 2026 ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 से 13 नवंबर 2026 तक तुला राशि में बुध के वक्री गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप में देखा जा सकता है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, तर्क, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। वक्री अवस्था के दौरान पुराने मामलों की समीक्षा, बातचीत में सावधानी, अधूरे कार्यों को पूरा करने और निर्णयों पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता बढ़ सकती है। तुला राशि संबंधों, साझेदारी, संतुलन और न्याय से जुड़ी है, इसलिए इस अवधि में रिश्तों, व्यावसायिक समझौतों और आर्थिक फैसलों पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा। Tula Rashi Mai VAKRI Budh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav तुला राशि में वक्री बुध का सभी 12 राशियों पर प्रभाव 1. मेष राशि (Aries) — रिश्तों और साझेदारी में सावधानी मेष राशि वालों के लिए बुध का वक्री गोचर सप्तम भाव में होने से वैवाहिक जीवन, प्रेम ...