दुर्गा अष्टमी कब है April 2025 में, पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए, durga ashtmi ki sahi tarikh. Chaitra Navratri Durga-ashtmi 2025: नवरात्री का आठवां दिन बहुत महत्त्व रखता है भक्तो के लिए. ये दिन महा-अष्टमी या फिर दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग विशेष प्रकार की पूजा पाठ करते हैं कुलदेवी, माँ काली, दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए. इस बार अष्टमी तिथि 4 तारीख शुक्रवार को रात्री में लगभग 8:15 PM से शुरू होगी और 5 तारीख को रात्री में लगभग 7:27 PM तक रेहगी तो उदया तिथि के अनुसार महाष्टमी की पूजा 5 तारीख शनिवार को होगी. Durga Ashtmi Ka Mahattw अगर कोई नवरात्री के बाकी दिनों में पूजा पाठ नहीं कर पाते हैं तो सिर्फ अष्टमी की पूजा से भी लाभ ले सकते हैं. Listen MahaAshtmi Special Mantra महाष्टमी से सम्बंधित कई पौराणिक कथाएं सुनने को मिलती है – कुछ के अनुसार इस दिन माँ काली का अवतरण हुआ था. कुछ भरोसा करते है की इस दिन माता जी ने महिसासुर राक्षस का वध किया था. Watch Video here ज्योतिष के...
देव शयनी एकादशी कब है 2024 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति .
ऐसी भी मान्यता है की देव शयनी एकादशी के बाद विवाह महुरत नहीं होते हैं. इस दिन से अगले ४ महीने सिर्फ साधना के लिए महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं. मौसम भी अनुकूल हो जाता है.
तो देव शयनी एकादशी का लाभ उठाये.
देव शयनी एकादशी कब है 2024 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति, Devshayani Ekadashi 2024 .
Devshayani Ekadashi 2024:
अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि.
इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है.
Read in english about Devshayani ekadashi importance
वर्ष 2024 मे हरी शयनी एकादशी 17 जुलाई को है| एकादशी तिथि १६ तारीख मंगलवार को लगभग रात में 8:35 पे शुरू होगी और 17 तारीख को रात्री में लगभग 9:03 बजे समाप्त होगी |
मान्यता के अनुसार पद्मा एकादशी की शुरुआत राजा मानदाता से जुडी है. इन्होने अंगीरा ऋषि के कहने से अषाढ़ मास के ग्यारस को व्रत और विशेष पूजा की जिससे की इनके राज्य मे वर्षा हुई और सम्पन्नता आई. तभी से लोग भी इस दिन को मनाने लगे. Devshayani Ekadashi 2024
पढ़िए विष्णु स्त्रोत्रम के फायदे
आइये जानते हैं की 17 जून को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी?
- देव शयनी एकादशी के दिन गोचर कुंडली में बुधादित्य राज योग रहेगा जो कि एक बहुत अच्छा संकेत है और इस दिन सभी को अनुष्ठानों में सफलता प्राप्त करने में मदद करेगा।
- बृहस्पति शत्रु राशि वृषभ में रहेंगे |
- सूर्य अपने सम राशि कर्क में रहेंगे |
- चन्द्रमा अपने नीच राशि वृश्चिक में रहेंगे |
- मंगल अपने सम राशि वृषभ में रहेंगे |
- बुधअपने शत्रु राशी कर्क में रहेंगे |
- शुक्र अपने शत्रु राशि कर्क में रहेंगे |
- राहु और केतु मित्र राशि में रहेंगे | Devshayani Ekadashi 2024
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
आइये जानते है क्या करे देव शयनी एकादशी को अच्छे जीवन के लिए :
देव शयनी एकादशी का महत्त्व, पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए.- प्रातः काल ब्रह्म महुरत मे उठ कर अपने नित्य कर्म से मुक्त होके घर के मंदिर मे विष्णुजी के सामने संकल्प ले की आज पुरे दिन और रात आप उपवास करेंगे सभी के सुख के लिए या परिवार के भलाई के लिए.
- अगर कोई बीमार है या व्रत नहीं कर सकते तो नहीं करना चाहिए.
- इस दिन आप भगवान् विष्णु का अभिषेक कर सकते है, पूजा कर सकते हैं.
- उनके १००८ मंत्रो का जप भी कर सकते हैं.
- उनके सबसे प्रचलित मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप भी बहुत शुभ रहता है.
- विष्णु सहस्त्रनाम का जाप कर सकते हैं |
- भगवान् विष्णु को भोग लगाए और लोगो मे प्रसाद बांटे.
- सभी के शुभता के लिए प्रार्थना करे. Devshayani Ekadashi 2024
तो देव शयनी एकादशी का लाभ उठाये.
देव शयनी एकादशी कब है 2024 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति, Devshayani Ekadashi 2024 .
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