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Shiv Suvarnmala Stuti Lyrics With Hindi Meaning

Shiv Suvarnmala Stuti Lyrics With Hindi Meaning, शिव स्वर्णमाला स्तुति अर्थ सहित, शंकराचार्य जी द्वारा रचित शिव स्तुति.  आदिगुरु शंकराचार्य जी ने शिव स्वर्णमाला स्तुति की रचना की है जिसमे भगवान शंकर की आराधना की है. इसके पाठ से भगवान शिव की कृपा से हमारा जीवन सफल हो सकता है.  Shiva Suvarnamala Stuti में भगवान शिव की महिमा का गान है. जो लोग भौतिक के साथ अध्यात्मिक सफलता चाहते हैं उनके लिए ये अति महत्त्वपूर्ण है, इसके पाठ से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है.  Shiv Suvarnmala Stuti Lyrics With Hindi Meaning सुनिए YouTube में  Shiva Suvarnamala Stuti Lyrics – शिव स्वर्णमाला स्तुति ॥ शिव स्वर्णमाला स्तुति॥ अथ कथमपि मद्रसनां त्वद्गुणलेशैर्विशोधयामि भो । साम्ब सदाशिव शंभो शंकर शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ १ ॥ आखण्डलमदखण्डनपण्डित तण्डुप्रिय चण्डीश भो । साम्ब सदाशिव शंभो शंकर शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ २ ॥ इभचर्माम्बर शम्बररिपुवपुरपहरणोज्ज्वलनयन भो । साम्ब सदाशिव शंभो शंकर शरणं मे तव चरणयुगम् ॥ ३ ॥ ईश गिरीश नरेश परेश महेश बिलेशयभूषण भो । साम्ब सदाशिव शंभो शंकर शरणं मे ...

Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

Gupt navratri kab se shuru hogi 2025,  माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, क्या करे जीवन को आसान और साल बनाने के लिए गुप्त-नवरात्री में.

30 फ़रवरी गुरुवार से गुप्त नवरात्री शुरू हो रही है जो की साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए साधना के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखता है. एक अत्यंत विशेष संयोग ये भी है की इस बार महाकुम्भ भी चल रहा है अतः ये गुप्त नवरात्री साधना के लिए अती विशिष्ट रहेगी |

हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण है. 

Gupt navratri kab se shuru hogi 2025,  माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, क्या करे जीवन को आसान और साल बनाने के लिए गुप्त-नवरात्री में.
Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

Read in english about when is gupt navratri of maagh month in 2025?

गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है?

  1. गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं |
  2. अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं |
  3. कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है |
  4. अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता है |
  5. सांसारिक ईच्छा की पूर्ती के लिए भी इस समय पूजा पाठ किया जा सकता है |
  6. अगर किसी को कोई रत्न धारण करना हो तो भी इन दिनों में कर सकते हैं |
  7. अगर किसी को श्री यन्त्र, दुर्गा यन्त्र या फिर अन्य कोई और यन्त्र स्थापित करना हो तो भी ये गुप्त नवरात्री का समय शुभ होता है |पढ़िए सिद्ध यंत्रो के विभिन्न प्रकार के बारे में |
  8. अगर किसी पे कोई बुरा साया हो या फिर काला जादू से कोई ग्रस्त हो तो उसके लिए भी गुप्तनवरात्री में पूजाएँ होती है |
  9. अगर कुंडली में किसी ग्रह दोषों के कारण शादी नहीं हो रही हो, संतान नहीं हो रही हो, नौकरी या व्यापार में समस्या आ रही हो, प्रेम जीवन में समस्या आ रही हो तो ऐसे में भी गुप्त नवरात्री में शान्ति पूजाएँ करवा सकते हैं या फिर खुद भी ज्योतिष से पूछ के प्रयोग कर सकते हैं |

आइये जानते हैं की 2025 में ३० जनवरी से शुरू होने वाले गुप्त नवरात्री क्यों ख़ास है और ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी ?

  • सूर्य अपनी शत्रु राशि मकर में रहेगा।
  • चन्द्रमा सम राशि कुंभ में रहेगा।
  • मंगल शत्रु राशि मिथुन में रहेगा।
  • बुध सम राशि मकर में रहेगा।
  • बृहस्पति शत्रु राशि वृषभ में रहेगा।
  • शुक्र उच्च राशि मीन में रहेगा।
  • शनि अपनी स्वराशि कुंभ में रहेगा।
  • राहु अपने मित्र राशि मीन में रहेगा।
  • केतु अपने मित्र राशि कन्या में रहेगा।

पढ़िए नवरात्री के अचूक प्रयोग >>

क्या करे सफलता के लिए इन 9 दिनों में ?

  • इन ९ दिनों में देवी के १०८ मंत्र या फिर १००८ मंत्रो का श्रद्धा और भक्ति से जप करे सुबह और विशेषकर रात्री को दीपक जला के, इससे देवी कृपा मिलेगी. 
  • अगर कोई काले जादू या फिर बुरी नजर से ग्रस्त है तो ऐसे में देवी कवच का पाठ करना शुभ रहेगा साथ ही देवी को निम्बू भी चढ़ाएं.
  • अगर आप धन सम्बन्धी परेशानियों से गुजर रहे हैं तो इस गुप्त नवरात्री में ये प्रयोग करे. ५ सुपारी ले, १ सुखा नारियल ले, १ चांदी का सिक्का ले, ५ हल्दी की गाँठ ले. इन सभी को एक पीले कपडे में रखे और ऊपर से चावल छिडके और हल्दी का पाउडर भी डाले सभी वस्तुओ पर. अब रोज इसके सामने किसी भी लक्ष्मी मन्त्र का जप करे, नवें दिन इस पोटली को बांधके अपने तिजोरी में रख दे, इससे आय के स्त्रोत खुलेंगे और सम्पन्नता आएगी. 
  • किसी भी देवी मंदिर में रोज एक दीपक जलाए और सम्पन्नता के लिए प्रार्थना कीजिये. विशेषकर आरती के समय जरुर जाएँ.

क्या नहीं करना चाहिए गुप्त नवरात्री में बदकिस्मती से बचने के लिए?

इस नवरात्री में कोई भी ऐसा काम ना करे जिससे बदकिस्मती बढ़ के जीवन में समस्याएं लायें.
  1. किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थो से दूर रहे.
  2. किसी को चोट ना पंहुचाएं इन ९ दिनों में.
  3. किसी का भी अपमान ना करे इस गुप्त नवरात्री में
  4. किसी भी प्रकार के अनुचित शब्दों का प्रयोग ना करे और किसी के लिए बददुआ ना निकाले.
  5. किसी भी प्रकार के हिंसा से दूर रहे और मांसाहार से भी दूर रहे.
अतः अपने हर दिन को माता की कृपा से भर दीजिये इस गुप्त नवरात्री में



Gupt navratri kab se shuru hogi 2025,  माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, क्या करे जीवन को आसान और साल बनाने के लिए गुप्त-नवरात्री में.

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